बच्चों के दांतों में कीड़ा: कारण, लक्षण और घरेलू इलाज Kids Tooth Decay Home Remedies in

बच्चों के दांतों में कीड़ा लगना आजकल एक आम समस्या बन चुकी है। कियोंकि ज्यादा मीठा खाना, गलत ब्रशिंग आदतें, अनियमित साफ-सफाई और जंक फूड की वजह से छोटे बच्चों में कैविटी या जिसे आम भाषा में दांत का कीड़ा कहा जाता है, तेजी से फैल रहा है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह दर्द, सूजन, इंफेक्शन और आगे चलकर दांत टूटने तक का कारण बन सकता है।

इस में हम जानेंगे:

दांतों में कीड़ा लगने के कारण

बच्चों में कैविटी के लक्षण

घरेलू उपचार जो दर्द और संक्रमण को कम कर सकते हैं

बच्चों के दांत स्वस्थ रखने के तरीके

Note: घरेलू इलाज केवल शुरुआती स्टेज में मदद करते हैं। अगर दांत में ज्यादा दर्द या सूजन है, तो दंत चिकित्सक से ज़रूर संपर्क करें।

दांतों में कीड़ा लगने के मुख्य कारण

1. ज्यादा मीठा और चॉकलेट खाना

बच्चे अक्सर चॉकलेट, केक, कैंडी और मीठे पेय पीते हैं। शुगर दांतों पर जमकर बैक्टीरिया को बढ़ाती है, जिससे कीड़ा लग जाता है।

2. दांतों की सफाई न होना

अगर बच्चे सोने से पहले ब्रश न करें, या सही तरीके से ब्रश न करें, तो दांतों पर प्लाक बनता है और वही कीड़े का कारण बनता है।

3. बार-बार खाना खाना

बार-बार स्नैक्स खाने से दांतों को आराम नहीं मिल पाता। इससे एसिड बनता है और दांत कमजोर होने लगते हैं।

4. कमजोर इनेमल (Enamel)

कुछ बच्चों के दांत नैचुरली कमजोर होते हैं, जिससे कीड़ा जल्दी लग जाता है।

दांतों में कीड़ा लगने के लक्षण

दांत में हल्का या तेज दर्द

ठंडा या गर्म लगना

मीठा खाने पर दर्द होना

दांत में काला या भूरा दाग

दांत में छेद (cavity) दिखना

मुंह से बदबू आना

खाना चबाने में दिक्कत

अगर इनमे से कोई भी लक्षण दिखे, तो ध्यान देना जरूरी है।

बच्चों के दांतों के कीड़े का घरेलू इलाज (Home Remedies)

ध्यान रहे — घरेलू नुस्खे केवल शुरुआती कैविटी और दर्द में राहत देते हैं। गहरे कीड़े में ये इलाज पूरा इलाज नहीं कर पाते।

1. लौंग का तेल (Clove oil)

लौंग में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो दर्द और सूजन को कम करते हैं।

कैसे इस्तेमाल करें:

रुई पर थोड़ा सा लौंग का तेल लगाएं

बच्चे के दांत के दर्द वाले हिस्से पर 5–10 मिनट रखें

फायदा: दर्द तुरंत कम होता है।

2. नमक के पानी से कुल्ला

नमक संक्रमण कम करता है और दर्द को भी नियंत्रित करता है।

कैसे करें:

1 गिलास हल्का गुनगुना पानी

1/2 चम्मच नमक

बच्चे को दिन में 2–3 बार कुल्ला करवाएं

ध्यान: छोटे बच्चे जो कुल्ला नहीं कर पाते, उन्हें यह न करवाएं।

3. गर्म पानी की सिकाई (Warm compress)

अगर दांत के आसपास सूजन हो, तो गर्म सिकाई मदद करती है।

कैसे करें:

तौलिया को हल्के गर्म पानी में भिगोएं

बच्चे के गाल पर 5–10 मिनट हल्के से लगाएं

4. हल्दी और नारियल तेल (Turmeric + Coconut Oil)

हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, और नारियल तेल बैक्टीरिया कम करता है।

कैसे इस्तेमाल करें:

1 चम्मच हल्दी + 1 चम्मच नारियल तेल

पेस्ट बनाकर दांतों पर लगाएं

10 मिनट बाद मुंह धो दें

5. नीम की दातुन (Neem)

नीम बैक्टीरिया मारता है और दांत मजबूत बनाता है।

कैसे करें:

बच्चे से नीम की दातुन चबवाने की बजाय

नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी से कुल्ला करवाएं (बड़े बच्चे लिए)

6. नमक + सरसों तेल

दांतों की सफाई में काफी असरदार।

कैसे करें:

थोड़ा नमक

थोड़ा सरसों तेल

उंगली पर लगाकर दांतों पर हल्के हाथ से मलें

फायदा: जमा मैल निकलता है और बैक्टीरिया कम होते हैं।

7. गुनगुना पानी ज्यादा पिलाएं

यह मुंह में जमा खाने के कणों को हटाने में मदद करता है।

8. बच्चों को स्ट्रॉ से मीठा पीने दें

अगर बच्चे मीठी चीजें पसंद करते हैं, तो स्ट्रॉ से पीने देने से दांतों पर कम असर पड़ता है।

बच्चों में दांत का कीड़ा होने से कैसे रोकें? (Prevention Tips)

1. दिन में दो बार ब्रश करवाएं

सुबह और रात सोने से पहले।

2. बच्चों के लिए फ्लोराइड टूथपेस्ट इस्तेमाल करें

यह दांतों को मजबूत बनाता है।

3. मीठा कम दें

खासकर चॉकलेट, कैंडी, च्यूइंग गम, जूस आदि।

4. चॉकलेट खाने के बाद पानी से मुंह धुलवाएं

कीड़ा बनने से काफी हद तक रोकता है।

5. हर 6 महीने में दांतों की जांच

डेंटिस्ट से दिखाना बहुत जरूरी है।

6. स्टिकी फूड से बचाएं

जैसे लड्डू, टॉफ़ी, चिपचिपे स्नैक्स।

7. बच्चे की ब्रशिंग खुद चेक करें

अक्सर बच्चे ठीक से ब्रश नहीं करते।

कब डॉक्टर के पास जाएं?

दर्द ज्यादा हो

दांत में बड़ा छेद दिखे

सूजन हो

बच्चे को नींद न आए

खाना चबाना मुश्किल हो

ऐसी स्थिति में घरेलू उपाय काफी नहीं होते। डॉक्टर ऐसी स्थिति में फिलिंग, फ्लोराइड ट्रीटमेंट, सीलेंट, या जरूरत पड़ने पर रूट कैनाल भी कर सकते हैं।

निष्कर्ष

बच्चों के दांतों में कीड़ा लगना एक आम समस्या है, लेकिन सही आदतें और थोड़ा सा ध्यान इसे आसानी से रोका जा सकता है। घरेलू उपाय शुरुआती लक्षणों में राहत देते हैं, लेकिन गंभीर हालत में दंत चिकित्सक से सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।

स्वस्थ दांत बच्चों की मुस्कान ही नहीं, बल्कि उनके पूरे शरीर के स्वास्थ्य के लिए जरूरी होते हैं। इसलिए उनकी दांतों की सफाई और खानपान का खास ख्याल रखें।

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